शागिर्द है ऐसा जो साए जैसा रहता,
पूछता फिरता कहो खैरियत ना सब।
लोग अक्सर विशाल को हमारे साथ देखते तो यही कहते राम लखन की जोड़ी कमाल की है। लेकिन यह जोड़ी असल में राम और हनुमान की है मतलब कार्य हमेशा श्री राम के दिखाई देते हैं लेकिन हनुमान जी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है यह हम सभी बखूबी जानते हैं। जीवन का कोई भी मोड़ हो विशाल हमेशा हनुमान जैसे विषम परिस्थितियों पर टूट पड़ता है ताकि मेरे तक आते आते समस्या का समाधान पहले ही निकल जाए।
एक भाई, एक मित्र, एक सलाहकार, एक गुरु के साथ ही साथ विशाल लगभग मेरे जीवन में कई भूमिकाओं में है। जब जिस भूमिका की जरूरत पड़ती है वह आसानी से अपना स्वरूप बदल कर मेरे समक्ष प्रस्तुत हो जाता है।
पिछले एक दशक का सफर हमने गोरखपुर शहर में डिजिटल के अलख जगाने के लिए बहुत सारी संघर्ष की रातें काटी है उसके हर छोटे बड़े समस्याओं का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विशाल ने भी डटकर सामना किया है। जब हमने कंपनी शुरू की थी तो विशाल की उम्र मात्र 21 बरस थी। उस उम्र में बच्चे अभी अपने भविष्य को लेकर उतना गंभीर नहीं होते हैं। लेकिन विशाल हमेशा अपने उम्र से कई गुना अधिक परिपक्वता का परिचय देता रहता है। परिस्थिति कोई भी हो लेकिन विशाल को हम कभी परेशान होते नहीं देखे हैं।
जीवन में सफलता के जितने भी मूल मंत्र है सब विशाल में विद्यमान है और उसने जो सबसे बड़ी कड़ी ये है कि विशाल बहुत विनम्र है। सीखने की ललक और पलभर में किसी भी अजनबियों को अपना बना लेने वाला हुनर विशाल में रचा बसा है। छोटे बच्चो और बुजुर्गों को विशाल हमेशा मदद को तत्पर रहता है। कई बार रास्ते चलते बूढ़े को सड़क पार करना हो या किसी अंधे के लिए बीच सड़क में अपनी गाड़ी लगाना हो। या फिर एक विकलांग के एक्सीडेंट होने पर किसी भी अजनबी से बेखौफ भिड़ जाना साफ दर्शाता है कि विशाल का हृदय बहुत ही कोमल और मार्मिक है।
विशाल हमेशा ऐसे ही रहो। जन्मदिन की खूब शुभकामनाएं।